मुख्य बातें:
- भारत की नीतियां विकास को नई गति दे रही हैं: शक्तिकांत दास
- आत्मनिर्भरता का मतलब अलग-थलग पड़ना नहीं: शक्तिकांत दास
- भारत एक ऐतिहासिक यात्रा की दहलीज पर खड़ा है: शक्तिकांत दास
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय के एक शीर्ष अधिकारी शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की नीतियों और सुधारों के चलते भारत विकास की एक ऐतिहासिक यात्रा के मुहाने पर खड़ा है। व्यापार शुल्क के बढ़ते खतरों के बीच, उन्होंने कहा कि परिस्थितियां भारत के पक्ष में हैं।
आत्मनिर्भरता पर जोर
विवेक देवराय स्मृति व्याख्यान में शक्तिकांत दास ने कहा कि वैश्वीकरण की गति धीमी होने और बहुपक्षीय सहयोग में कठिनाई आने के बावजूद, भारत ने आत्मनिर्भरता को अपनी नीतियों का मुख्य सिद्धांत बनाया है।
आत्मनिर्भरता का अर्थ
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर दास ने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का मतलब दुनिया से अलग-थलग पड़ना नहीं है, बल्कि अपनी मूलभूत क्षमता और लचीलापन विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता का मतलब है घरेलू स्तर पर महत्वपूर्ण वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों का उत्पादन करना और विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करना।
विकास की राह पर भारत
दास ने कहा कि भारत आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा में कई चुनौतियां और बाधाएं आएंगी, जिनसे निपटने के लिए भारत तैयार है।
इसके मायने
शक्तिकांत दास का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। भारत का आत्मनिर्भरता पर जोर एक महत्वपूर्ण कदम है जो देश को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। यह भारत को वैश्विक मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में भी मदद करेगा।
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Source: Agency Inputs
Published: 10 जनवरी 2026 | HeadlinesNow Desk

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